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What is Bearing in Hindi। Types of bearing in Hindi

 

दोस्तों आजके इस आर्टिकल में हम ये जानेंगे की बेयरिंग होता क्या हे ? बेयरिंग का उपयोग क्या हे ? और ये कितने प्रकार की होती हे । तो चलिए जानते हे।

What is bearing in Hindi। Types of bearing।

दोस्तों वैसे तो बेयरिंग की परिभाषा को कही तरह से समझाया जा सकता हे लेकिन आज में आपको बेयरिंग की परिभाषा (Defination) को आपके बचपन से जोड़ कर समझाना चाहता हु, ताकि आप इसे  बेहद ही आसानी से समझ सके | तो चलिए बिना समय गवाय आगे बढ़ते हे।

दोस्तों आपने अपने बचपन में कभी ना कभी  साइकिल तो जरूर चलाई होगी और अगर ना भी चलाई हो तो देखि तो होगी ही। जैसा की आपको निचे इस साइकिल के दोनों टायरो के बिच जो मशीन लगी दिख रही हे दरअसल उसे ही बेयरिंग कहा जाता हे।


What is bearing in hindi
What is bearing in hindi 


Definition of Bearing in Hindi

अगर आपको टेक्निकल भाषा में इसकी व्याख्या दू तो Bearing एक machine element है जो Relative motion को Desired motion में change करने के लिए constrain यानी कि विवश करता है। ओर दो rotating parts के बीच के friction को कम करता है ।

Bearing kya hai ?

Bearing एक machine device है जो power को transmit करने के साथ साथ दो Rotating parts के बीच के घर्षण (Friction) को भी कम करता है।

Bearing का meaning उसके नाम में ही छिपा हुआ है। क्या आपने कभी सोचा है कि बेयरिंग शब्द आखिर कहा से आया है ?

बेयरिंग शब्द " to bear" verb से लिया गया है। जिसका मतलब होता है "support" करना।


Types of bearing in Hindi।


1] plain Bearing:-

Plain Bearing सबसे simple bearing में से एक माना जाता है ।इस बेयरिंग को Sliding bearing या फिर Slide bearing भी कहा जाता है। इस bearing कि सबसे ख़ास बात ये है कि इसमें कोई भी rolling elements नहीं होते ।

Plain bearing भी कुल तीन प्रकार के होते है ।

  • Integral Bearing
  • Bushing Bearing
  • Two piece Bearing

2] Rolling Element Bearing 

इस प्रकार की Bearing के अंदर Races यानी कि bearing rings के बीच मे rolling elements इस्तेमाल किए जाते है। ताकि load को अच्छे से carried out किया जा सके।

Rolling elements भी कहीं प्रकार के होते है। जैसे कि cylindrical Rollers, Tapered Rollers, needle Rollers, Spherical Rollers और Balls जिनका use करके bearing के अंदर rotation कराया जाता है।

Rolling elements bearing भी 2 प्रकार के होते है।

  • Ball bearing
  • Roller bearing

what is Ball bearing in Hindi

इन बेयरिंग के अंदर Races के बीच में Balls लगे होते है। जिससे बेयरिंग में rotation होता है। 

Industries में अगर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली बेयरिंग कोई है तो वो है बॉल बेयरिंग।


Types of ball bearing in Hindi।

1) Single row ball bearing

जैसा कि इसके नाम से ही पता चल जाता है कि एक single row के अंदर balls को arranged किया जाता है।

2) Double row ball bearing 

इस bearing में कुल दो row होती है जहां दोनों row में ballsके arrangement किए जाते है।


3)Angular contact ball bearing

इस प्रकार के bearing के balls कि arrangement कुछ angle पे की जाती है ।  ये इसलिए किया जाता है ताकि bearing Axial load ओर Thrust load दोनो को सहन कर सके।

4) Thrust ball bearing

Axis के parallel लगने वाले load को bear करने के लिए इस प्रकार की bearing का इस्तेमाल किया जाता है।

5) Self aligning ball bearing

Journal load को सहन करने के लिए इस प्रकार की बेयरिंग का उपयोग करते है।

Self alighnment bearing kya hai?


What is Roller bearing in Hindi 

इस प्रकार की बेयरिंग के अंदर balls कि बजाय roller का उपयोग किया जाता है । ओर यह बेयरिंग ball bearing के मुकाबले ज्यादा load को carry करने की क्षमता रखती है।


Types of roller bearing in Hindi

1) Cylindrical roller bearing

इस तरह की bearing में Rolling elements के तौर पर cylinder का उपयोग किया जाता है। ओर ऐसी बेयरिंग में load को carry करने की क्षमता भी ball bearing के मुकाबले अधिक होती है क्यू की इसमें roller का surface के साथ line contact होता है जबकि बॉल बेयरिंग में point contact होता है।

2) Spherical roller bearing:-

इस तरह के बेयरिंग के अंदर rolling element के तौर पे spherical roller का उपयोग किया जाता है। 

इस तरह के बेयरिंग का प्रयोग gear box या फिर drilling or mining में किया जाता है ।

3) Needle roller bearing:-

इस तरह के बेयरिंग में Cylindrical Roller का उपयोग किया जाता है । इस Cylindrical Roller कि length, cylinder के diameter से 4 गुना ज्यादा होती है । ओर इस प्रकार की bearing में surface contact area भी ज्यादा होता है जिसके कारण वो ज्यादा से ज्यादा Load को carried out कर सके।

Needle bearing का इस्तेमाल pump yaa compressor  में किया जाता है ।


4) Taper roller Bearing:-

इस प्रकार की बेयरिंग में roller कि arrangement कुछ angle पे की जाती है, ओर इसलिए इसके rollers थोड़े झुके होने के कारण इस बेयरिंग को Taper Roller bearing नाम दिया गया है।

Taper roller bearing ka प्रयोग
What is taper roller bearing in Hindi


Taper roller बेयरिंग Axial load ( Thrust load) और Radial load दोनों को सहन करने की क्षमता रखता है। इसलिए इस bearing का ज्यादातर उपयोग Vehicle Wheel या फिर Car में किया जाता है । 

और तो और इस प्रकार की बेयरिंग का उपयोग इंडस्ट्रीज में भी कहीं जगह पे किया जाता है। जैसे कि Taxtile मशीन में इस्तेमाल होने वाले Elecon में भी Taper roller bearing का इस्तेमाल किया जाता है ।


5) Gear bearing:-

इस प्रकार की bearing में Elliptical shape के gear जैसी arrangement कि जाती है। इसके पीछे का कारण यह है कि इसी shape वाले gear कि efficiency ज्यादा होती है। ओर इससे sliding friction भी कम होता है। 

6) Fluid bearing:-

इस तरह की bearing को ख़ास तरह की bearing के रूप में पहेचाना जाता है । क्यू की इस bearing में load को carry करने के लिए Fluid की मदद ली जाती है ।

इस बेयरिंग में कोई भी sliding friction या किसी भी प्रकार का wear देखने को नहीं मिलता। ओर तो ओर इस तरह की bearing  में कोई vibration भी देखने को नहीं मिलता।

Fluid bearing भी कुल 2 प्रकार के होते है।

  •  Hydrodynamic fluid bearing
  •  Hydrostatic fluid bearing 


3] Magnetic Bearing:- 

इस तरह की bearing को बाकी बेयरिंग से अलग ओर अनोखी मानी जाती है क्यू की यह एक ऐसी bearing है जो बिना किसी physical contact के shaft को घुमाता है । 

ओर इस प्रकार की bearing अधिक गति से shaft को घुमाने की ताकत रखता है। आम तौर पर मैगनेटिक बेयरिंग भी 2 प्रकार के होते है। 

  • Active magnetic bearing

के इसमें विद्युत चुमकत्व पैदा होता है। ओर जिसे चलाने के लिए लगातार विद्युत-धारा देंना पड़ता है। 
  • Passive magnetic bearing

इनमें स्थायी चुम्बक पैदा होता है। और इसको चलाने के लिए कोई विद्युत-धारा देंना नहीं पड़ता।


4] Composite bearing:- 

इस तरह की बेयरिंग को self lubrication pinner के साथ ओर laminated metal support के साथ design 
किया जाता है।

इन bearing का ज्यादातर इस्तेमाल अधिक temperature वाले Area में किया जाता है। और तो और इस प्रकार की बेयरिंग में कम से कम धातु का प्रयोग किया जाता है।


5] Jewel bearing :-

ये बेयरिंग एक धातु स्पिंडल के साथ इस्तेमाल किया जाता है। ओर ज्यादातर इसका प्रयोग यांत्रिक घड़ियों में किया जाता है। watches के अलावा इन बेयरिंग का इस्तेमाल gyroscopes में ओर आम तौर पर synthetic corundum में भी किया जाता है ।


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